फॉर्मूला फीड (टॉप फीड) के नुकसान
पाउडर दूध (मिल्क फॉर्मूला) पिलाने के नुकसान
-
लाभों से वंचित: स्तनपान के परिणामस्वरूप माँ और बच्चे को मिलनेवाले सभी प्राकृतिक लाभों से दोनों वंचित हो जाते हैं।
-
संक्रमण का खतरा: शिशु में श्वसन (respiratory), जठरांत्र (gut) और कान में गंभीर संक्रमण होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
-
एलर्जी और दमा: प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता न मिलने के कारण बच्चे में दमा (asthma) और अन्य एलर्जी की संभावना बढ़ जाती है।
-
आंतों की सूजन: शिशुओं के नाजुक पाचन तंत्र में नेक्रोटाइज़िंग एंटरकोलाइटिस (आंत की गंभीर सूजन) होने की संभावना बढ़ जाती है।
-
जटिल बीमारियाँ: आगे चलकर बच्चों में मधुमेह (diabetes), अल्सरेटिव कोलाइटिस और क्रोहन डिजीज जैसी ऑटोइम्यून जटिल बीमारियों का खतरा रहता है।
-
वयस्कता में बीमारियाँ: भविष्य में वयस्क होने पर हृदय रोग, उच्च रक्तचाप (BP), मोटापा, असंतुलित कोलेस्ट्रॉल स्तर और एथेरोस्क्लेरोसिस की संभावना बढ़ जाती है।
-
महंगा और समय लेने वाला: फॉर्मूला / टॉप फीडिंग को तैयार करने में अधिक समय लगता है, यह माँ के दूध की तुलना में कम पौष्टिक और आर्थिक रूप से अत्यधिक महंगा होता है।
-
पर्यावरण को नुकसान: इसके निर्माण और पैकेजिंग में प्रयुक्त प्लास्टिक, टिन कंटेनर, गैस, ईंधन और भारी बिजली की खपत के कारण यह पर्यावरण के लिए भी हानिकारक होता है।